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निगाहें चुराते हैं वो...

फूलों से भी ज़्यादा खिला था हाथ उनका...

बांधे रखो कुछ और देर ज़रा ज़ुल्फ़

किनारे लगाने के लिए

क्या बताऊं आपको कि क्या हुआ है